इंटरव्यू के नाम पर वामपंथ का खेल

“एक फैक्ट्री है, उसका मालिक हैं और बहुत सारे नौकर हैं।
मालिक मुनाफा कमाता है, और अपने नौकरों को नाममात्र की तनख्वाह दे, शेष लाभ हजम कर जाता है।