हिन्दू धर्म की चुनौतियाँ | अपनो से संघर्ष

संघर्ष के दो स्तर हैं।परायों को तो गिनना ही नहीं है, उनकी जड़ों में ऐसा मट्ठा डाला जा चुका है कि वे समय के साथ निस्तेज होते चले जायेंगे। मात्र कुछ वर्ष की देरी है। आश्चर्य यह है कि पराए तो समझ गए कि उनकी सांस पिंजड़े की जिस चिड़िया में अटकी थी उसकी गर्दन … Read more