इंटरव्यू के नाम पर वामपंथ का खेल

“एक फैक्ट्री है, उसका मालिक हैं और बहुत सारे नौकर हैं।
मालिक मुनाफा कमाता है, और अपने नौकरों को नाममात्र की तनख्वाह दे, शेष लाभ हजम कर जाता है।

पद्मश्री नहीं मिलने से वामपंथी परेशान

एक समय था जब भारत का सत्ताधारी दल बड़े-बड़े रासुलदारों के तलवे चाटने तथा उनको खुश करने में दिन रात लगा हुआ था।

राजस्थान में दलित की हत्या

राजस्थान में एक नोजवान युवक योगेश की पीट पीटकर हत्या कर दी गई, वह युवक दलित था पर कोई भी सेक्युलर गैंग चूं तक नहीं करेगा।