पद्मश्री नहीं मिलने से वामपंथी परेशान

एक समय था जब भारत का सत्ताधारी दल बड़े-बड़े रासुलदारों के तलवे चाटने तथा उनको खुश करने में दिन रात लगा हुआ था।