नाम का महत्त्व कम मत आंकिए!

1965 और 1971 के भारत पाक युद्धों में, जबकि संचार का सबसे सुलभ माध्यम रेडियो था, देश के जवानों में उत्साह और वीरता का संचार करने के लिए दिन रात जो गीत बजाए जाते थे उनमें बार-बार महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज के नाम गूँजते थे।