दंगों पर सेक्युलर लेखकों का रण्डी रोना।

दंगों पर सेक्युलर लेखकों का रण्डी रोना।
वैसे ये सेक्युलर नहीं बल्कि मुस्लिमपरस्त और हिन्दू द्वेषी लोग हैं जो इधर उधर से चुग्गा मिलने पर मालिक के अनुकूल चहचहाते हैं।
देश में हो रहे साम्प्रदायिक दंगों पर इनके तर्क कुछ इस प्रकार है।