दंगों पर सेक्युलर लेखकों का रण्डी रोना।

दंगों पर सेक्युलर लेखकों का रण्डी रोना।
वैसे ये सेक्युलर नहीं बल्कि मुस्लिमपरस्त और हिन्दू द्वेषी लोग हैं जो इधर उधर से चुग्गा मिलने पर मालिक के अनुकूल चहचहाते हैं।
देश में हो रहे साम्प्रदायिक दंगों पर इनके तर्क कुछ इस प्रकार है।

पद्मश्री नहीं मिलने से वामपंथी परेशान

एक समय था जब भारत का सत्ताधारी दल बड़े-बड़े रासुलदारों के तलवे चाटने तथा उनको खुश करने में दिन रात लगा हुआ था।

राजस्थान में दलित की हत्या

राजस्थान में एक नोजवान युवक योगेश की पीट पीटकर हत्या कर दी गई, वह युवक दलित था पर कोई भी सेक्युलर गैंग चूं तक नहीं करेगा।