बचना आपको स्वयं को हैं, बचने के लिए मरने की सिद्धता चाहिए होती है।

बचा तो आपको पुलिस भी नहीं सकती। वह स्वयं दंगाइयों के हाथों पिट रही है।
मोदी, योगी को गरियाने वाले ध्यान दें कि आपके इन व्यंग्य वचनों से आहत होकर, कोई मोदी योगी, आपके घर आपको बचाने नहीं आने वाला।
इस देश के तीन प्रधानमंत्रियों की हत्याएं हो चुकी हैं, तो सुरक्षित तो वे भी नहीं है, आपको क्या बचा पाएंगे।
बचना आपको स्वयं को हैं। बचने के लिए मरने की सिद्धता चाहिए होती है।

आपसी झगड़ा जिहाद की साजिश है

ये अपनी आक्रामकता, उपद्रव और हिंसा से आपको अपने इलाके से भगाकर ही दम लेंगे। इनके जिन्दगी का मूलमंत्र है।