बचना आपको स्वयं को हैं, बचने के लिए मरने की सिद्धता चाहिए होती है।

बचा तो आपको पुलिस भी नहीं सकती। वह स्वयं दंगाइयों के हाथों पिट रही है।
मोदी, योगी को गरियाने वाले ध्यान दें कि आपके इन व्यंग्य वचनों से आहत होकर, कोई मोदी योगी, आपके घर आपको बचाने नहीं आने वाला।
इस देश के तीन प्रधानमंत्रियों की हत्याएं हो चुकी हैं, तो सुरक्षित तो वे भी नहीं है, आपको क्या बचा पाएंगे।
बचना आपको स्वयं को हैं। बचने के लिए मरने की सिद्धता चाहिए होती है।

अपने अंदर के क्षत्रित्व को पहचानो

जब दुनिया में कोई विदेशी यह कहते हैं कि हम क्षत्रिय तो हैं नहीं! सोचकर देखिये, हम कितने भाग्यशाली हैं।

इंटरव्यू के नाम पर वामपंथ का खेल

“एक फैक्ट्री है, उसका मालिक हैं और बहुत सारे नौकर हैं।
मालिक मुनाफा कमाता है, और अपने नौकरों को नाममात्र की तनख्वाह दे, शेष लाभ हजम कर जाता है।

उत्तर प्रदेश निर्णायक मोड़ पर खड़ा है…

उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री अर्थात 188 देशों के राष्ट्राध्यक्ष से भी बड़ा, भारी और चुनौतीपूर्ण पद है।
देश की सबसे समझदार जनता यूपी की है।

मोदी जी की नीयत साफ है…

जब राज की नीयत शुद्ध हो तो प्रकृति भी सहयोग करती है। वरना बंगाल में आज भी मानव बल से साइकिल रिक्शा चल रहा है और सड़कों पर दम तोड़ने की घटनाएं भी केवल वहीँ बची है।

योगी जी हमारे अपने है…

समय की मांग समझो.. हमारा तू तू मैं मैं घर की बात है पर विपक्षी खेमा एक अंगुली भी टच कर देगा तो हमारी आत्मा खुद हमे माफ नहीं करेगी।
प्राण प्रण से कूद जाओ इस महासमर में…