मोदी के हटने के बाद कि योजना को समझिए…

कल ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉन्सन का जाना तय हो चुका है। एक सफल pm होने के बावजूद, पहले ही दिन से यहां का आदमखोर मीडिया उनके पीछे पड़ा था और एक एक करके उनके करीबियों को टारगेट कर रहा था और आज जापान के पूर्वराष्ट्राध्यक्ष की हत्या होना।

हिंदुओं के अनेक मत, पंथ, सम्प्रदाय और खूब सारे देवी देवता हैं।

हिन्दू धर्म, जिसके सभी भारतीय संस्करण- सनातनी, जैन, बौद्ध, सिक्ख, वनवासी इत्यादि इस भयानक अलगाववादी वृत्ति से निरपेक्ष हैं।

अग्निपथ योजना समाज के भीतर सिविल डिफ़ेंस तैयार करने के लिए है।

ये योजना नौकरी देने की योजना नहीं है। यह योजना समाज के भीतर सिविल डिफ़ेंस तैयार करने के लिए है। योजना का मुख्य उद्देश्य ही लोगों को सैनिक अभ्यास कराकर समाज में छोड़ना है न की उनको लेकर रखना है।

फव्वारे, मकबरे और बिरियानी की हकीकत

जहां स्नान और मुंह धोने तक को पानी नहीं था, उन्होंने फव्वारा बना दिया!! न ग्रेविटी का ज्ञान न भूगोल न खगोल।
पृथ्वी की गतियों को अब भी नकारते हैं और फव्वारा बना गये!!

दंगों पर सेक्युलर लेखकों का रण्डी रोना।

दंगों पर सेक्युलर लेखकों का रण्डी रोना।
वैसे ये सेक्युलर नहीं बल्कि मुस्लिमपरस्त और हिन्दू द्वेषी लोग हैं जो इधर उधर से चुग्गा मिलने पर मालिक के अनुकूल चहचहाते हैं।
देश में हो रहे साम्प्रदायिक दंगों पर इनके तर्क कुछ इस प्रकार है।

बचना आपको स्वयं को हैं, बचने के लिए मरने की सिद्धता चाहिए होती है।

बचा तो आपको पुलिस भी नहीं सकती। वह स्वयं दंगाइयों के हाथों पिट रही है।
मोदी, योगी को गरियाने वाले ध्यान दें कि आपके इन व्यंग्य वचनों से आहत होकर, कोई मोदी योगी, आपके घर आपको बचाने नहीं आने वाला।
इस देश के तीन प्रधानमंत्रियों की हत्याएं हो चुकी हैं, तो सुरक्षित तो वे भी नहीं है, आपको क्या बचा पाएंगे।
बचना आपको स्वयं को हैं। बचने के लिए मरने की सिद्धता चाहिए होती है।