नीरज चोपड़ा के ओलंपिक गोल्ड जीतने से यह हुआ…

नीरज चोपड़ा

जहाँ तक मुझे लगता है, क्रश शब्द आकर्षण से बना है।
कृष- धातु का अर्थ खींचना होता है। इसी से कृष्ण शब्द बना है।
भगवान श्री कृष्ण तो स्वयं सबसे बड़े आकर्षक थे अतः दुनिया में उनके समान आकर्षक आज तक न कोई हुआ है न होगा।
दुनिया में सुंदर वीर यौद्धाओं के प्रति सदैव से कन्याओं का आकर्षण रहा है।
यह वीरता भी तीन प्रकार की होती है- दानवीर, युद्धवीर और धर्मवीर।
कर्ण दानवीर थे, युद्धिष्ठिर धर्मवीर थे और अर्जुन युद्धवीर थे।
राजस्थान के प्रसिद्ध गीत घूमर में कन्याएं अपनी माँ से यह अनुरोध करती हैं कि हे माँ, आप मेरा विवाह किसी राठौड़ वीर से करवाना। यह राठौड़ शब्द भी राष्ट्रवर से बना है। किसी समय राठौड़ों की धूम थी। जयमल मेड़तिया आपने सुना होगा जो कि चित्तौड़ का सेनापति था। मारवाड़ के राठौड़ों के बारे में यह कहावत थी कि यदि वह तलवार लेकर किसी भी दिशा में निकलेगा तो जहाँ जाएगा वहीँ प्रतिष्ठा प्राप्त करेगा। इसलिए इतिहास में बहुत से राठौड़ सेनापतियों का उल्लेख मिलता है। राज्य किसी का भी हो, सेनानायक राठौड़ बनाये जाते थे। राठौड़ों के प्रति इसी आकर्षण का वर्णन घूमर गीत में है। वीरत्व का ही सम्मान होता है। वीरता की पूजा होती है। वीरता स्वयं में बहुत बड़ा गुण है। भारत में वीर और सतीत्व की पूजा इतनी गहराई तक व्याप्त है कि विगत 70 वर्ष का वामपंथी कुप्रचार और जिहादी बॉलीवुड पूरी ताकत लगाकर भी इसे नष्ट नहीं कर सका। फिल्मों और राजनीति ने नकली नायक स्थापित किये। स्वरा भास्कर जैसी महिलाओं ने सरेआम घोषणा की कि उसे अल्लाउद्दीन की रखैल बनने में कोई आपत्ति नहीं। दाऊद इब्राहिम के धन से बॉलीवुड में जान बूझकर खान जिहादियों को स्थापित किया गया। फिल्मों का कथानक और मीडिया नैरेटिव इस कदर विकृत हुआ कि अबोध, मुग्ध भारतीय लड़कियां इन अधेड़ मिंया मल्हार में अपने सपनों के राजकुमार की छवि देखें।
वामपंथी लेखिकाओं ने इसमें कोठे वाली मौसी की भूमिका निभाई। सेक्युलर लिब्रन्दू गिरोह ने दलाल की भूमिका निभाई। स्थिति यह हो गई कि आज प्रतिदिन कोई न कोई समाचार ऐसा आता है जिसमें लव जिहाद में फंसी कोई हिन्दू लड़की सूटकेस में मिलती है।

अचानक से असली वीरत्व प्रकट होता है।
नीरज चौपड़ा का उदय होता है। ।कर्मण्येवाधिकारस्ते…. गीता के इस श्लोक की सजीव मूर्ति!
भाला फेंक दिया। कर्म कर दिया। फल की प्राप्ति का किंचित भी लोभ नहीं। बन्दा पलटकर भी नहीं देखता। आया, फेंका, चल दिया!!
वह सुंदर है, युवा है, भारतीय सेना का घटक है, भारत माता की जय बोलता है। नरेन्द्र मोदी से सीधे बात करता है। कोई दाढ़ी मूँछ का झमेला नहीं। न किसी की नकल न किसी से प्रभावित।
और सेक्युलर दलालों के पिछवाड़े में आग लग जाती है। वामपंथी रण्डीखाने की मौसियां हाय हाय करने लगती है।
नकली वीरों की भीड़ में अचानक असली वीर का आगमन हुआ और भेड़ों में भगदड़ मच गई।
किसी समय घूमर में राठौड़ वर की प्राप्ति का क्रश होता था, अलग अलग क्षेत्रों में यह भिन्न भिन्न प्रकार से रहा होगा, आज की कन्याओं का क्रश भारतीय सेना का एक बांका, छरहरा छोरा है जो न दाढ़ी रखता है न ही नखरे करता है। पूरी तरह से संयमित, संजीदा, अनुशासित और देश के लिए समर्पित।

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